14th June 2021

पं. सुखदेव चतुर्वेदी, विवेक प्रकाश और अशोक हमराही सहित मुंबई के 10 कलाकारों को अकादमी पुरस्कार

उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार

पुरस्कारों की घोषणा करते हुए उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी की अध्यक्ष पूर्णिमा पांडेय और कथक केंद्र के निदेशक तरुण राज

रंग लेखक अशोक हमराही, शास्त्रीय गायक रॉबिन चटर्जी, ध्रुपद गायक पं. सुखदेव चतुर्वेदी, संगीत निर्देशन विवेक प्रकाश और बांसुरी वादक सुनील कांत गुप्ता  सहित मुंबई के  10  विशिष्ट लोगों को उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया जायेगा.

अध्यक्ष पूर्णिमा पांडेय ने अकादमी की ओर से दिए जाने वाले अकादमी पुरस्कारों की घोषणा की है. इस अवसर पर कथक केंद्र के निदेशक तरुण राज भी उपस्थित थे.

2009 से 2018 तक अकादमी पुरस्कार के साथ अकादमी रत्न,  2017 व 2018 के सफ़दर हाशमी और बीएम शाह पुरस्कारों के लिए नामों की घोषणा भी कर दी गयी है. इनमें 106 अकादमी अवॉर्ड और पांच रत्न सदस्यों को चुना गया। कलाकारों का चयन समिति के द्वारा हुआ है।

मुंबई से अकादमी पुरस्कार से सम्मानित होने वालों में लोक गायिका (भोजपुरी) डॉ शैलेश श्रीवास्तव, कथक नृत्यांगना रेनू शर्मा, रंगमंच कलाकार भानुमती सिंह, कथक नृत्यांगना रूचि शर्मा और तबला वादक अनुपम राय  के नाम शामिल हैं. वि वि श्रीखंडे को  रत्न सदस्य के लिए चुना गया है.

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ध्रुपद गायक पंडित सुखदेव चतुर्वेदी

संक्षिप्त परिचय 

ध्रुपद गायक पंडित सुखदेव चतुर्वेदी दरभंगा घराने के म्रुधंय गायक स्वर्गिय पं. बिदुर मलिक जी के प्रधान शिष्यों मे से एक हैं। उन्होंने देश विदेश के लगभग सभी मंचों पर अपनी प्रस्तुति दी है और कई बड़े बड़े पुरस्कार प्राप्त किया है.

पंडित सुखदेव चतुर्वेदी ने कई फ़िल्मों और टीवी धारावाहिकों में भी अपनी आवाज़ का जादू बिखरा हैं.

इनमें से कुछ प्रमुख फ़िल्में हैं – सुप्रसिद्ध गायक-संगीतकार भूपेन हज़ारिका के संगीत निर्देशन में बनी फ़िल्म दमन, सुष्मिता सेन और मनीषा कोईराला अभिनीत फ़िल्म पैसा वसूल, एकता कपूर निर्देशित फ़िल्म रागिनी MMS  हैं.

पंडित सुखदेव चतुर्वेदी ने देवों के देव महादेव, भारत का वीर पुत्र महाराणा प्रताप, क्योंकि सास भी कभी बहू थी, सिया के राम आदि टीवी धारावाहिकों में भी संगीत दिया है.

पंडित सुखदेव चतुर्वेदी का पहला फ्यूज़न एलबम मोक्ष डी जे हुसैन ने 1999 के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिये थे, जिसके ट्रैक्स को पॉप  सिंगर मेडोना ने भी अपनी एलबम में लिया। बॉलीवुड में सबसे पहले चंटिग की शुरुआत उन्होंने ही की थी।

आज के समय में हमारी लुप्त होती धरोहर ध्रुपद गायिकी को बचाने और आगे बढ़ाने में पंडित सुखदेव चतुर्वेदी का महत्वपूर्ण योगदान है।

अभी हाल ही में ही मुंबई, मथुरा और उत्तरखंड मे पंडित सुखदेव मयुजिक गुरूकुल के कुल 6 सेंटर शुरू हुए हैं।

फ़िल्म इंडस्ट्री के कई जाने माने कलाकार पंडित जी के शिष्य हैं जिनमें मुख्य रूप से जुबिन नौटियाल, मीत ब्रदर, प्रीति पिंकी, शैखर सुमन इत्यादि शामिल हैं।

पंडित सुखदेव चतुर्वेदी ने  कई रिएलिटी शोज़ में जज की भूमिका भी निभाई है.

अकादमी सम्मान की उन्हें  विशेष ख़ुशी है और इस सम्मान के बारे में उनका कहना है कि संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार उनके 35 सालों की मेहनत ओर उनके प्रथम गुरु उनके पिताजी श्री हरदेव चतुर्वेदी जी के आशीर्वाद तथा लगन का प्रतिफल है।

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संगीत निर्देशन विवेक प्रकाश

संक्षिप्त परिचय

विवेक प्रकाश एक मशहूर संगीतकार, ग़ज़ल और भजन गायक हैं. तहज़ीब के शहर लखनऊ में पले बढ़े और वहीं पर संगीत सीखा । उसके बाद मुंबई में अपने मामा जी विश्व विख्यात बाँसुरी वादक और संगीतकार पंडित रघुनाथ सेठ जी से मौसिकी की और ऊँची तालीम ली.

विवेक प्रकाश के हिंदुस्तान और दुनिया की अलग अलग देशों की म्यूजिक कंपनियों से अब तक 300 से भी अधिक म्युज़िक एल्बम रिलीज़ हो चुके हैं. उन्होंने 1500 एड फ़िल्म्स, जिन्गिल्स और कॉर्पोरेट फ़िल्में की हैं.

वह अब तक 5 फ़ीचर फ़िल्मों में संगीत दे चुके हैं,  जिसमें फ़िल्म ‘कहानी गुड़िया की’ में इनका संगीत काफ़ी सराहा गया.  इस फ़िल्में में सुप्रसिद्ध गायक जगजीत सिंह ने भी उनके संगीत निर्देशन में गाया था।

विवेक प्रकाश हिंदुस्तान सहित दुनिया के 25 देशों में लगभग 1200 ग़ज़लों और भजनों के कार्यक्रम दे चुके हैं ।

संगीतकार विवेक प्रकाश की विशेष उपलब्धियां : –

डॉक्टर हरिवंश राय बच्चन की मधुशाला पर एक कथक डान्स आधारित बैले – मधुशाला

एक साथ 13 अंतर्राष्ट्रीय भाषाओं में चलने वाला बैले – मोहब्बत द ताज

हिंदुस्तान के पहले भोजपुरी धारावाहिक ‘साँची पिरितिया’ को 60 नए गीतों से समृद्ध किया

ख़ास ग़ज़ल एल्बम :-

आवारा धुआँ, इश्क़, Sentiments, Heart to Heart आदि.

उल्लेखनीय है कि विवेक प्रकाश के संगीत निर्देशन में आज के लगभग हर बड़े गायक कलाकार ने गाया है और इनके संगीत को सराहा है .

संगीत के  क्षेत्र में  विवेक प्रकाश का विशेष योगदान :-

0. भारतीय भक्ति एवं सुगम संगीत को विभिन्न सांगीतिक कार्यक्रमों एवं उपक्रमों द्वारा लगभग 300 CDs में प्रकाशित 2500 मूल रचनाओं के माध्यम से सम्पूर्ण विश्व में प्रचारित एवं प्रसारित किया.
0. राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के बहुत से प्रिय भजनों को भी आधुनिक संगीत से सजाकर तथा और अधिक आनंददायक बनाकर बच्चों की आवाज़ में रिकॉर्ड और प्रकाशित करके नई पीढ़ी तक बापू की विचारधारा को सशक्त रूप से पहुंचाया.
0. संपूर्ण भगवद्गीता के हिन्दी एवं उर्दू संस्करणों को सरल एवं आकर्षक हिंदी एवं उर्दू भाषा में अनुवादित, रिकॉर्ड एवं सीडीज़ के माध्यम से प्रकाशित कर के भगवद्गीता में दी हुई शिक्षाओं को शक्तिशाली संगीत द्वारा जन सामान्य तक पहुंचाया.
0. कुछ विशिष्ट पारंपरिक गीतों, भक्ति गीतों, भजनों को भी आधुनिक संगीत से सजाकर तथा और अधिक आनंददायक बनाकर बच्चों की आवाज़ में रिकॉर्ड और प्रकाशित करके नई पीढ़ी तक भारतीयता एवं संस्कृति से परिचय करा कर उनमें निहित सांस्कृतिक धरोहर को सशक्त रूप से उन तक पहुंचाया.
0. भारतीय सेना, वृद्धाश्रम तथा कक्षा आठ तक के विद्यालयों के लिए स्वयं का पारिश्रमिक लिए बिना कार्यक्रम करते हैं.
0. सम्पूर्ण विश्व में भजनों एवं ग़ज़लों के कार्यक्रमों में गायन के माध्यम से राष्ट्रभाषा हिन्दी एवं उर्दू भाषा का समुचित प्रचार एवं प्रसार किया.
0. उत्तर प्रदेश के कुछ विशिष्ट लोक गीतों को modern orchestration के साथ रिकॉर्ड एवं प्रकाशित कर के नयी पीढ़ी के युवाओं एवं जन सामान्य तक पहुंचा कर अपने परंपरागत लोक संगीत से उनका परिचय करवाया.
0. मुंबई से साउंड रिकॉर्डिंग एवं कमर्शियल म्यूज़िक को व्यावहारिक रूप से सीखकर लखनऊ के स्टूडियोज़ को उच्च तकनीक से समय समय पर अवगत कराया, प्रदान किया एवं शिक्षा दी.
0. लखनऊ के विशिष्ट एवं प्रतिभाशाली कलाकारों को मुंबई में समय समय पर उचित अवसर दिलाए.
0. देश विदेशों में 11 अन्य भारतीय भाषाओं में गायन द्वारा भारतीय संस्कृति का प्रचार-प्रसार.
0. भाषा, साहित्य एवं संस्कृति के उत्थान के लिए सतत प्रयत्नशील.

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कवि-लेखक-पत्रकार-अभिनेता अशोक हमराही

संक्षिप्त परिचय

अशोक हमराही (संक्षिप्त परिचय)

बहुआयामी व्यक्तित्व से संपन्न अशोक हमराही साहित्य-संगीत और कला इन तीनों ही क्षेत्रों में एक जाना पहचाना है. सीतापुर उत्तर प्रदेश के गाँव दतवल में जन्में अशोक हमराही ने लखनऊ को अपना कार्यक्षेत्र बनाया.

सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में उन्होंने यूथ थिंकर्स फ़ोरम, युवजन समिति , युवा भारत, छात्र युवा संघर्ष वाहिनी जैसे सामाजिक संगठनों के संस्थापक सदस्य और सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में देश और समाज हित में अपना उल्लेखनीय योगदान दिया है.

युवा रचनाकार मंच, साहित्य सुधा परिषद्, मानस वीथिका आदि अनेक साहित्यिक संस्थाओं के संस्थापक और सक्रिय सदस्य के रूप में उन्होंने साहित्यिक क्षेत्र में अपनी सृजनात्मक भूमिका निभाई है.

युवक नाद (साप्ताहिक), सुधा भारती (साहित्यिक मासिक पत्रिका), मानस वीथिका (साहित्यिक मासिक पत्रिका), सुकवि विनोद (कविता प्रधान मासिक पत्रिका),  वार्निंग (साप्ताहिक), जनमत (बुलेटिन), दिशा (बुलेटिन), चिंतन बिंदु (बुलेटिन) आदि पत्र-पत्रिकाएं निकालने में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही है.

विधि स्नातक और हिंदी साहित्य से एमए करने के बाद अशोक हमराही ने शिक्षा के क्षेत्र को चुना. इसके लिए उन्होंने  भारतीय शिक्षा निकेतन, शिशु शिक्षा सदन और शास्त्री कोचिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना की. इन शिक्षण संस्थानों में आर्थिक रूप से कमज़ोर छात्रों को प्राथमिकता दी गयी.

वर्षों तक शिक्षण कार्य से जुड़े रहने के बाद 1987 में लखनऊ से प्रकाशित हिंदी दैनिक समाचार पत्र नवजीवन में उपसंपादक के रूप में अपने जीवन की नयी शुरुआत की.

इस बीच लखनऊ दूरदर्शन और आकाशवाणी में  लेखक-एंकर के रूप में  भी जुड़े रहे. उद्घोषक के रूप में भी अपनी सेवाएं प्रदान की. वर्तमान में भी वह मुंबई में रहते हुए विविध भारती और एफ़एम गोल्ड मुंबई में आरजे के रूप में समय-समय पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड के हिंदी दैनिक नवजीवन का प्रकाशन कमज़ोर पड़ने और अंततः बंद होने तक अब तक नाम से टी वी के लिए न्यूज़ मैगज़ीन निकाली. इसके बाद वर्ष 1999 में नोयडा में कुछ महीनों तक ज़ी न्यूज़ में कार्य करने के बाद लखनऊ वापस लौटकर नागरिक लोक साप्ताहिक में समाचार संपादक के रूप में कार्य किया और फिर वर्ष 2001 में  मुंबई आ गए.

मुंबई में उन्होंने हिंदी ब्लिट्ज़ के पूर्व संपादक नंद किशोर नौटियाल के साप्ताहिक समाचार पत्र नूतन सवेरा में समाचार संपादक के रूप में कार्य करते हुए यहीं से प्रकाशित मुंबई में राजस्थान और मुंबई में उत्तर भारतीय नामक मिनी इनसाइक्लोपीडिया के संपादन में सहयोग किया. इस बीच मुंबई के ही एक दैनिक समाचार पत्र दो  बजे दोपहर में भी संपादकीय सहयोग किया. उन दिनों इसका प्रकाशन निज़ामुद्दीन राइन कर रहे थे.

इसी बीच मुंबई से प्रारम्भ पहले आध्यात्मिक टी वी चैनल आस्था में भी लेखक और एंकर के रूप में शुरुआत से जुड़ गए. आस्था में रहते हुए करीब दस वर्षों तक कई विशेष कार्यक्रमों  के निर्माण में इनका उल्लेखनीय योगदान रहा. मंगल कामना, सात्विक आहार, आस्था अन्ताक्षरी जैसे कई कार्यक्रम अत्यधिक लोकप्रिय भी हुए.

अशोक हमराही का लेखन कार्य बहुत ही विस्तृत रहा है. दूरदर्शन के लिए विशेष अवसरों और विशिष्ट लोगों के जीवन से सम्बंधित आलेख-गीत, कहानी, कविता ,उपन्यास, रंगमंच, कथक मंच, टी वी धारावाहिक, फ़िल्म हर क्षेत्र के लिए उन्होंने लेखनी चलाई  है.

अशोक हमराही ने आकाशवाणी और दूरदर्शन के लिए गीत लिखने का रिकॉर्ड कायम किया है. वृन्दगान, देशगान सहित सभी तीज-त्योहारों, सभी मौसम, सरकारी योजनाओं और लगभग सभी विशेष अवसरों के लिए उन्होंने गीत-ग़ज़ल-भजन लिखे हैं, जिनकी संख्या हज़ार से भी अधिक है, जो समय समय पर अभी भी आकाशवाणी से प्रसारित होते रहते हैं.

दूरदर्शन के लिए फ़ीचर्स –  बुद्धं शरणं गच्छामि, महाकुम्भ, प्रियदर्शिनी इंदिरा गाँधी, स्मृति शेष : गुलाब बाई,  इतराती धूप, नन्हीं-नन्हीं बुंदिया, ज्योति पर्व, स्नेह सूत्र, यदा यदा हि धर्मस्य, मुक्ति धारा, आद्या नमामि, पालकी बहार की, विजय सत्य की रही धरा पर, रंग बरसे आदि.

 रेडियो रूपक श्रृंखला – प्रदेश के रंग हमारे संग (उत्तर प्रदेश पर्यटन)

रंग मंच लेखन – सिद्धार्थ का गृह त्याग, मायाजाल, अंधेर नगरी (मूल कृति भारतेंदु हरिश्चंद्र), कामायनी ( मूल कृति जय शंकर प्रसाद), उर्वशी ( मूल कृति रामधारी सिंह दिनकर), वैशाली की  नगर बधू (मूल कृति आचार्य चतुरसेन), आँख की किरकिरी (मूल कृति रवीन्द्रनाथ टैगोर), परिणीता (मूल कृति शरत चन्द्र चट्टोपाध्याय)रेनबो, कहाँ खो गयी निर्मल धारा,  गंगा सागर, सात सुर सजे आदि.

कथक रंगमंच – अकथ कहानी प्रेम की (भारतेंदु हरिश्चंद्र की कृति चन्द्रावली नाटिका पर आधारित), खुसरो रैन सुहाग की, बेगम हज़रत महल आदि.

गीत नाटक – विजय (कारगिल वीरों को समर्पित)

नृत्य नाटिका – कुम्भं कुम्भ समाहित

उपन्यास – दोस्ती, आरोप, सिसकते किनारे, पहला पति, और रात ढल गई, मुट्ठी भर रेत.

काव्य संग्रह – हमराही शतक (छंद संग्रह), करुणा (खंड काव्य), आस्था के स्वर (भक्ति गीत), ग़ज़ल संग्रह

रेडियो नाटक – अंतिम प्रणाम, अँधेरे उजाले, अविनाश, मुन्नी का सपना.

टीवी धारावाहिक – सबके लिए (दूरदर्शन), तलाक़ क्यों (दूरदर्शन), इंद्रधनुष, (दूरदर्शन), सलाखें (यूटीएन ), आख़िर कब तक (ई टी वी), बैंड स्टैंड (सी एम एम), उसने कहा था (सी एम एम)

टेली फ़िल्म – द जजमेंट, अपने-अपने सबके सपने, अधूरे स्वर, सीमा, सुहानी भोर, मंज़िलें और भी हैं, पूरा सच, एक रात.

फ़ीचर फ़िल्म – आशिक़ मिजाज़, प्यार बंटता नहीं, परदेसी मीत, आस, कहानी गुड़िया की (सत्य कथा पर आधारित) हे भगवान्, अनामिका, सती सावित्री, बात एक रात की.

अशोक हमराही ने वीनस, टाईम्स म्यूज़िक, टी सिरीज़, लहर आदि कई  म्यूज़िक कंपनियों के लिए नियमित रूप से गीत-ग़ज़ल और भजन लिखे हैं. विज्ञापन बनाने वाली कई कंपनियों के लिए 100 से अधिक विज्ञापन भी लिखे हैं.

वर्तमान में रंग लेखन के साथ – साथ www.prakashak.in और www.positivenewsnetwork.in नामक websites का सफ़ल संचालन करते हुए विभिन्न भाषाओँ की भिन्न-भिन्न विधाओं में हो रहे लेखन और प्रेरक सूचनाओं को एकत्रित/संकलित कर रहे हैं.

White Ink Entertainment Channel के माध्यम से महत्वपूर्ण व्यक्तियों, तिथियों, घटनाओं तथा साहित्य सम्बन्धी उल्लेखनीय सन्दर्भों के फिल्मांकन, ध्वन्यंकन और प्रकाशन में संलग्न हैं.

 

सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षक, कवि, लेखक, पत्रकार, उद्घोषक, एंकर, अभिनेता, निर्माता, निर्देशक जैसे विविध आयाम अपने जीवन में संजोने वाले अशोक हमराही अभी भी अपनी रचनाधर्मिता से जुड़े हुए हैं.

उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी की ओर से अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किये जाने के लिए सभी कलाकारों को बहुत बहुत बधाई.

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